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बलरामपुर अस्पताल में दिया गोल्डन आवर में इलाज पर जोर

विश्व हृदय दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम,

विशेषज्ञों ने कम नमक के सेवन, बीपी-शुगर व कोलेस्ट्रॉल नियंत्रण और नियमित व्यायाम को बताया हृदय स्वास्थ्य के लिए जरूरी

लखनऊ, 29 सितंबर। विश्व हृदय दिवस के अवसर पर बलरामपुर अस्पताल के ओपीडी परिसर में मंगलवार को सीएमई (निरंतर चिकित्सा शिक्षा) एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में चिकित्सकों ने हृदय रोगों से बचाव, स्वस्थ जीवनशैली और हार्ट अटैक की स्थिति में शुरुआती घंटों में उपचार मिलने के महत्व के बारे में मरीजों, तीमारदारों और चिकित्सा कर्मियों को जागरूक किया।

हार्ट अटैक में शुरुआती घंटे बेहद अहम

अस्पताल के निदेशक डॉ. बीकेएस चौहान ने STEMI क्लिनिक और आपातकालीन हृदय देखभाल की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कार्डियक अरेस्ट या हार्ट अटैक की स्थिति में शुरुआती कुछ घंटे बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। मरीज को समय पर अस्पताल पहुंचाने से आवश्यक जांच और उपचार जल्द शुरू किया जा सकता है, जिससे जान बचाने की संभावना बढ़ती है।

कम नमक और नियंत्रित बीपी पर जोर

मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. हिमांशु चतुर्वेदी ने दैनिक जीवन में नमक का सीमित सेवन करने और रक्तचाप को नियंत्रित रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि खान-पान में संयम और नियमित दिनचर्या हृदय को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

सीने में दर्द को नजरअंदाज न करें

चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रवीण श्रीवास्तव ने नियमित स्वास्थ्य जांच कराने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि शुगर और कोलेस्ट्रॉल का स्तर नियंत्रित रखना जरूरी है। सीने में दर्द या भारीपन जैसे लक्षणों को नजरअंदाज करने के बजाय तत्काल चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।

वरिष्ठ कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. युसूफ अंसारी ने अस्पताल के STEMI नेटवर्क के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि आपात स्थिति में मरीज को त्वरित ईसीजी और प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने की व्यवस्था है। वरिष्ठ विशेषज्ञ डॉ. एमएच उस्मानी ने तनावमुक्त जीवनशैली अपनाने, तंबाकू और धूम्रपान से दूरी बनाने तथा नियमित शारीरिक गतिविधि को दिनचर्या में शामिल करने पर जोर दिया।

कार्यक्रम में मुख्य फार्मासिस्ट राजीव कुमार, नर्सिंग स्कूल की प्रिंसिपल, ओपीडी इंचार्ज सिस्टर गुरप्रीत समेत अस्पताल के चिकित्सक, पैरामेडिकल कर्मी, नर्सिंग स्टाफ और नर्सिंग स्कूल की छात्राएं मौजूद रहीं। छात्राओं ने भी हृदय स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता संदेश प्रस्तुत किए।

कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने हृदय स्वास्थ्य के लिए कम नमक का सेवन, बीपी-शुगर व कोलेस्ट्रॉल की नियमित जांच, संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और धूम्रपान से दूरी को जरूरी बताया। साथ ही सीने में दर्द, सांस फूलने या बेचैनी जैसे लक्षण सामने आने पर बिना देरी किए नजदीकी अस्पताल पहुंचने की अपील की गई।

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