आकाश आनंद को पार्टी से बाहर करने के बाद अब ईशान को बसपा में अहम जिम्मेदारी

मायावती ने फिर बदला फैसला, छोटे भतीजे ईशान आनंद को बनाया राष्ट्रीय संयोजक
2027 से पहले बसपा संगठन को नए सिरे से धार देने की कवायद
लखनऊ।
परिवारवाद से दूरी की बात कहने वाली बसपा सुप्रीमो मायावती ने अपने छोटे भतीजे ईशान आनंद को पार्टी का राष्ट्रीय संयोजक बनाकर एक बार फिर संगठन में पारिवारिक चेहरे को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी है। जबकि कुछ दिन पहले ही बसपा प्रमुख ने ईशान आनंद को पार्टी की किसी भी जिम्मेदारी से दूर रखने की बात कही थी। अब 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले उन्हें राष्ट्रीय संयोजक बनाए जाने से बसपा के संगठनात्मक बदलाव और नेतृत्व की दिशा को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है।

राजधानी स्थित बसपा कार्यालय की बुधवार को हुई राष्ट्रीय स्तर के पदाधिकारियों की बैठक में मायावती ने उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब के आगामी विधानसभा चुनाव अकेले दम पर लड़ने की तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में इन राज्यों में मजबूत उम्मीदवारों के चयन और चुनावी तैयारियों को लेकर संगठन को पूरी निष्ठा से जुटने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में मायावती ने वोट के अधिकार को बहुजन समाज की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि इसी के जरिए सामाजिक बदलाव और देश की तस्वीर बदलने की क्षमता है। साथ ही उन्होंने आर्थिक विकास का लाभ गरीबों तक पर्याप्त रूप से नहीं पहुंचने का मुद्दा भी उठाया।
आकाश के बाद ईशान पर भरोसा
ईशान आनंद को मिली जिम्मेदारी चर्चा का विषय है क्योंकि इससे पहले यही पद उनके बड़े भाई आकाश आनंद के पास था। जिन्हें बसपा प्रमुख ने इसी महीने पार्टी की सभी जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया था। इसके बाद वकालत की पढ़ाई पूरी कर चुके ईशान को राष्ट्रीय संयोजक बनाया गया है। तत्पश्चात ईशान ने मायावती का आभार जताते हुए उनके दिशा-निर्देशन में पूरी निष्ठा और ईमानदारी से पार्टी व आंदोलन को आगे बढ़ाने का भरोसा दिया है।
अकेले चुनाव लड़ने की तैयारी
बैठक में मायावती ने उत्तर प्रदेश समेत उत्तराखंड और पंजाब में होने वाले विधानसभा चुनावों में बसपा के अकेले चुनाव मैदान में उतरने की तैयारी तेज करने के निर्देश दिए। पार्टी ने कहा कि संगठन में जरूरी फेरबदल किए जाएंगे और मजबूत उम्मीदवारों के चयन पर जोर रहेगा। इस दौरान बसपा प्रमुख ने बैठक में महंगाई, बेरोजगारी, गरीबी, पिछड़ापन और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि इन मुद्दों से जनता में निराशा है। साथ ही भाजपा की नीतियों, जातिगत रवैये और धार्मिक आस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर भी उन्होंने आरोप लगाए।
‘पूर्ण बहुमत की सरकार’ का लक्ष्य
बसपा प्रमुख ने उत्तर प्रदेश में पार्टी की सरकार बनाने के लक्ष्य को दोहराया। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव त्रिकोणीय हों या चतुष्कोणीय, बसपा को अपने दम पर चुनाव लड़ने की तैयारी जारी रखनी है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से संगठन को मजबूत करने और चुनावी सफलता के लिए पूरी ताकत से जुटने का आह्वान किया।