हर घर में जले खुशियों का दीप, उल्लास से न रहे वंचित: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

मुख्यमंत्री ने दीपावली पर प्रदेशवासियों को दी बधाई, प्रभु श्रीराम से की सभी के सुख, शांति, आरोग्य और समृद्धि की कामना
दीपावली की खुशियां समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचें, जरूरतमंद परिवारों का रखें विशेष ध्यान: मुख्यमंत्री
स्थानीय कारीगरों से करें खरीदारी, मिट्टी के दीयों से रोशन करें घर और हस्तशिल्पियों के जीवन में लाएं खुशियां
अयोध्या की प्राचीन दीपावली परंपरा को दीपोत्सव से मिली नई भव्यता और वैश्विक पहचान: मुख्यमंत्री योगी
अंधकार पर प्रकाश, असत्य पर सत्य और निराशा पर आशा की विजय का संदेश देता है दीपावली का पर्व
स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक समरसता के संकल्प के साथ मनाएं दीपावली: मुख्यमंत्री

07 नवंबर, लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीपावली के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए अपील की है कि इस बार दीपावली की खुशियां केवल अपने घरों तक सीमित न रखें, बल्कि आसपास के जरूरतमंद परिवारों के जीवन में भी उजाला लाएं। कोई घर दीपावली की रोशनी से वंचित न रहे। आर्थिक अभाव के कारण किसी परिवार की खुशियां फीकी न पड़ें। मुख्यमंत्री ने स्थानीय कारीगरों, कुम्हारों और हस्तशिल्पियों से खरीदारी करने का आह्वान करते हुए कहा कि हमारे छोटे-छोटे प्रयास किसी जरूरतमंद परिवार की दीपावली को खुशियों से भर सकते हैं। उन्होंने प्रभु श्रीराम से सभी के सुख, शांति, आरोग्य, समृद्धि और मंगलमय जीवन की कामना की।

मुख्यमंत्री ने शनिवार को जारी अपने शुभकामना संदेश में कहा कि दीपावली केवल दीप जलाने का पर्व नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति की आस्था, आध्यात्मिक चेतना और लोकमंगल की भावना से जुड़ा महापर्व है। यह अंधकार पर प्रकाश, असत्य पर सत्य और निराशा पर आशा की विजय का संदेश देता है। भगवान श्रीराम के 14 वर्ष के वनवास के बाद अयोध्या आगमन और उनके राज्याभिषेक की स्मृति में मनाया जाने वाला यह पर्व सदियों से भारतीय जनमानस की आस्था, उल्लास और आत्मीयता का प्रतीक रहा है।
अपने घर के साथ जरूरतमंदों के जीवन में भी लाएं उजाला
मुख्यमंत्री ने कहा कि दीपावली का वास्तविक आनंद तभी पूर्ण होता है, जब इसकी प्रसन्नता समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचे। अपने आसपास ऐसे परिवारों का विशेष ध्यान रखें, जिनके घरों में आर्थिक अभाव के कारण त्योहार का उल्लास फीका रह जाता है। अपनी सामर्थ्य के अनुसार उनकी सहायता करें और पर्व की खुशियों में उन्हें भी सहभागी बनाएं। खुशियां बांटने से समाज में आत्मीयता, सहयोग और सामाजिक समरसता की भावना मजबूत होती है।

स्थानीय कारीगरों से खरीदारी कर उनकी दीपावली भी बनाएं खुशहाल
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से स्थानीय उत्पादों की खरीदारी करने की अपील की। कहा कि दीपावली पर मिट्टी के दीये, बाती और माटी कला से जुड़े उत्पादों की खरीदारी को प्राथमिकता दें। इससे स्थानीय कुम्हारों, हस्तशिल्पियों, छोटे कारोबारियों और अन्य कारीगरों को आर्थिक संबल मिलेगा। उनके परिवारों में भी प्रकाश, प्रसन्नता और अपनत्व का संचार होगा। त्योहार की खरीदारी में स्थानीय कारीगरों को महत्व देना उनके परिश्रम का सम्मान करने का भी अवसर है।

अयोध्या के दीपोत्सव ने दुनिया तक पहुंचाई सनातन संस्कृति की गौरवशाली विरासत
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उत्तर प्रदेश का गौरव और सौभाग्य है कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की पावन जन्मभूमि अयोध्या इसी प्रदेश में है। अयोध्या की प्राचीन दीपावली परंपरा को दीपोत्सव के माध्यम से नई भव्यता और वैश्विक पहचान मिली है। यह आयोजन आज सनातन संस्कृति की गौरवशाली विरासत, जनआस्था और सांस्कृतिक चेतना का भव्य उत्सव बन चुका है। इसके माध्यम से अयोध्या की आध्यात्मिक महिमा और प्रभु श्रीराम के आदर्श देश-दुनिया तक पहुंच रहे हैं।
स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का भी दें संदेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि दीपावली अपने घर, गली, मोहल्ले और आसपास के परिवेश को स्वच्छ रखने की प्रेरणा देती है। स्वच्छता को जीवनशैली का हिस्सा बनाएं और पर्यावरण के प्रति संवेदनशील रहें। पारंपरिक दीपों के प्रकाश, उल्लास और सद्भाव के साथ पर्व मनाएं। भगवान श्रीराम के आदर्शों से प्रेरणा लेकर परिवार, समाज और राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें। उन्होंने कामना की कि दीपावली प्रत्येक परिवार के जीवन में नई आशा, सुख और समृद्धि लेकर आए तथा उत्तर प्रदेश शांति, सद्भाव और विकास के पथ पर निरंतर आगे बढ़ता रहे।