आश्वासन के बाद बांडेड डॉक्टरों स्थगित की भूख हड़ताल

डिप्टी सीएम आवास से विधानसभा तक प्रदर्शन, शनिवार को वित्त विभाग और रविवार को ब्रजेश पाठक के साथ होगी बैठक
लखनऊ । प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर अनिवार्य सेवा बांड के तहत तैनात 2019 और 2020 बैच के एमबीबीएस चिकित्सकों का मानदेय संबंधी आंदोलन शुक्रवार को उग्र हो गया। सुबह उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के आवास पर प्रदर्शन के बाद डॉक्टरों ने विधानसभा के सामने पूरे दिन बैनर-तख्तियां लेकर प्रदर्शन किया। इसके बाद चार डॉक्टरों ने जीपीओ पार्क स्थित गांधी प्रतिमा पर भूख हड़ताल शुरू कर दी। देर शाम जिला प्रशासन के अधिकारियों से वार्ता और शनिवार को वित्त विभाग तथा रविवार को उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री के साथ बैठक के आश्वासन पर भूख हड़ताल खत्म कर दी गई।
‘सेम बांड, सेम पे’ की मांग
प्रदर्शनकारी डॉक्टरों के अनुसार वर्तमान में उन्हें करीब 50 से 55 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय मिल रहा है, जबकि समान काउंसिलिंग से चयनित राजकीय मेडिकल कॉलेजों में कार्यरत डॉक्टरों को करीब 1.10 लाख रुपये प्रतिमाह मिल रहा है। डॉक्टर दो साल की अनिवार्य बांड सेवा और 10 लाख रुपये के बांड के अनुरूप मानदेय की विसंगति दूर करने की मांग कर रहे हैं।
तीन सितंबर तक शासनादेश का मिला था आश्वासन
डॉक्टरों का कहना है कि पूर्व में आंदोलन के दौरान उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने प्रदर्शन स्थल पर पहुंचकर उनकी समस्याएं सुनी थीं और तीन सितंबर तक शासनादेश जारी करने का आश्वासन दिया था। तय समय तक शासनादेश जारी नहीं होने पर दोबारा आंदोलन शुरू किया गया।
एक साल से दे रहे ज्ञापन
डॉक्टरों के मुताबिक पिछले करीब एक वर्ष में डीजीएमई, डीजीएचएस समेत संबंधित अधिकारियों को कई बार ज्ञापन दिए गए हैं। उनका कहना है कि मांगों पर लिखित समाधान नहीं मिलने के कारण आंदोलन करना पड़ा। अब शनिवार को वित्त विभाग और रविवार को उपमुख्यमंत्री के साथ प्रस्तावित बैठक में समाधान की उम्मीद है। डॉक्टरों ने कहा कि मांगों का समाधान नहीं होने पर वे फिर आंदोलन शुरू करने को मजबूर होंगे।


