Uncategorized

कोरोना से छूटे, मानसिक रोगों ने घेरा : डॉ.अलीम सिद्दीकी

आईएमए भवन में डॉ.अलीम सिद्दीकी व आईएमए सचिव डॉ.जेडी रावत


विश्व मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता दिवस आज

लखनऊ। कोविड ने देश ही नहीं, दुनिया में मानसिक रोगियों की संख्या बढ़ा दी है। सामान्यतया 18 प्रतिशत आबादी को नींद की समस्या होती है, मगर कोविड मरीजों में 57 प्रतिशत मानसिक रोगी मिल रहे हैं। देश में बढ़ रहें सभी कोविड रोगियों को गुणवत्तायुक्त इलाज मिलना चुनौती है। इसलिए, हम सभी को खुद में या परिवार के किसी सदस्य की दिनचर्या बदलने पर, लक्षणों पर ध्यान दे, जो लक्षण आपकी दिनचर्या को प्रभावित करने लगे, तुरन्त चिकित्सक से परामर्श लेकर, समाधान लेना चाहिये, अन्यथा बीमारी बढ़ जायेगी और समाधान जटिल होता जाता है। यह बात शनिवार को आईएमए भवन में डॉ.अलीम सिद्दीकी व आईएमए सचिव डॉ.जेडी रावत ने पत्रकारों से कही।

विश्व मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता दिवस की पूर्व संध्या पर मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ.सिद्दीकी ने बताया कि मानसिक रोग बच्चों में भी बढ़ रहा है।  सर्वे के अनुसार 10-11 साल के बच्चों में हर 7 में से एक बच्चा मानसिक  रोग से पीड़ित है, 14 साल तक मानसिक बीमारियों से समस्त लक्षण आ जाते हैं। उन्होंने बताया कि डिप्रेशन व सिजोफ्रेनिया बड़ी बीेमारी हैं। विकलांगता का भी प्रमुख कारण मानसिक रोग है। उन्होंने बताया कि कोविड के बाद 34.5 प्रतिशत लोग एनजाइटी से, 41. प्रतिशत डिप्रेशन से, 21.36 प्रतिशत लोग नींद की समस्या से , 42.3 प्रतिशत लोगों में चिड़चिड़ा पन आ गया है। इसके अलावा 30. 8 प्रतिशत लोगों में एकाकी पन आ चुका है। डॉ.सिद्Þदीकी ने बताया कि मानसिक रोगियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, मगर केवल 20 प्रतिशत लोग विशेषज्ञ चिकित्सकों के पास पहुंचते हैं,उपचार प्राप्त करने के बाद सामन्य जीवन व्यतीत करते हैं।
विकलांग बना देता है डिप्रेशन, मौत भी पहले होती है
 डॉ.सिद्दीकी  ने बताया कि  डिप्रेशन,विकलांगता का प्रमुख कारण है और दुनिया में 5 प्रतिशत लोग डिप्रेशन में हैं। कोविड ने संख्या और बढ़ा दी है। उन्होंने बतायाकि सिजोफ्रेनिया भी बड़ी बीमारी है, इससे पीड़ित रोगी की मौत सामान्य औसत आयु से 10-20 वर्ष पहले हो जाती है। मानसिक रोगियों एवं उनकी जागरूकता का आलम है कि सामान्य डॉक्टर की ओपीडी में 30 प्रतिशत मानसिक रोगी होते हैं। मगर जानकारी के अभाव में वे मानसिक बीमारी का 

Related Articles

Back to top button