रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े गए एलडीए के जेई और कर्मचारी, मचा हड़कंप

विजिलेंस कार्रवाई के बाद कर्मचारी निलंबित, जेई के खिलाफ शासन को भेजी गई कार्रवाई की संस्तुति; एलडीए ने प्रवर्तन अनुभाग में जारी की नई एडवाइजरी
लखनऊ। लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) में रिश्वतखोरी के मामले में विजिलेंस की कार्रवाई के बाद बड़ा प्रशासनिक एक्शन हुआ है। रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किए गए पंप ऑपरेटर चंद्र प्रकाश को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है, जबकि आरोपी अवर अभियंता (जेई) दिनेश कुमार वर्मा के निलंबन की संस्तुति शासन को भेज दी गई है। दोनों पर अवैध निर्माण से जुड़े मामलों में रिश्वत लेने का आरोप है।
एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि विजिलेंस द्वारा दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किए जाने के बाद विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं। विशेष कार्याधिकारी देवांश त्रिवेदी को जांच अधिकारी बनाया गया है।
बिचौलियों पर भी शिकंजा
विजिलेंस ने श्रवण कुमार नामक एक बाहरी व्यक्ति को भी गिरफ्तार किया है। आरोप है कि वह आईजीआरएस पर शिकायतें कर भवन स्वामियों को ब्लैकमेल करता था और एलडीए कर्मियों से उसकी मिलीभगत थी। इसके बाद एलडीए ने प्रवर्तन अनुभाग के कार्यालयों में बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर रोक लगा दी है।
अब जांच के बाद होगी कार्रवाई
एलडीए ने नई एडवाइजरी जारी करते हुए निर्देश दिए हैं कि आईजीआरएस, व्हाट्सएप या अन्य माध्यमों से मिलने वाली अवैध निर्माण की शिकायतों पर बिना जांच सीधे कार्रवाई नहीं होगी। पहले शिकायत का सघन परीक्षण किया जाएगा।
उपाध्यक्ष ने कहा कि पेशेवर शिकायतकर्ताओं की पहचान कर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। साथ ही नागरिकों से अपील की गई है कि यदि कोई कर्मचारी या बाहरी व्यक्ति कार्रवाई के नाम पर धन उगाही या ब्लैकमेलिंग करे तो इसकी शिकायत सीधे एलडीए के वरिष्ठ अधिकारियों से करें।
