IAS अभिषेक प्रकाश को हाईकोर्ट से राहत, विजिलेंस जांच के आदेश रद

औद्योगिक परियोजना से जुड़ी शिकायत पर शुरू हुई थी जांच; कोर्ट ने 20 और 28 मार्च 2025 के सरकारी आदेश भी किए निरस्त
लखनऊ, 17 सितंबर। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने आईएएस अधिकारी अभिषेक प्रकाश को बड़ी राहत देते हुए उनके खिलाफ शुरू की गई सतर्कता (विजिलेंस) जांच को रद कर दिया है। न्यायमूर्ति राजीव सिंह की पीठ ने अभिषेक प्रकाश की याचिका स्वीकार करते हुए सरकार की ओर से 20 मार्च और 28 मार्च 2025 को जारी आदेशों तथा उनके आधार पर शुरू हुई विजिलेंस जांच की पूरी कार्यवाही निरस्त कर दी।
औद्योगिक परियोजना की शिकायत से जुड़ा था मामला
मामला एक औद्योगिक परियोजना की प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर की गई शिकायत से जुड़ा था। शिकायत के आधार पर शासन स्तर पर कार्रवाई हुई और अभिषेक प्रकाश के खिलाफ सतर्कता जांच शुरू की गई थी। हाईकोर्ट के फैसले के बाद इस जांच की कार्यवाही पर विराम लग गया है।
पहले भी हाईकोर्ट से मिली थी राहत
अभिषेक प्रकाश इससे पहले भी न्यायिक राहत पा चुके हैं। फरवरी 2026 में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने निवेश स्वीकृति से जुड़े कथित रिश्वत प्रकरण में दर्ज मुकदमे को रद कर दिया था। इसके बाद मार्च 2026 में उनकी निलंबन अवधि पूरी होने पर शासन ने उन्हें सेवा में बहाल कर दिया था। हालांकि, बहाली के समय शासन ने उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई जारी रहने की बात कही थी।
विजिलेंस कार्रवाई पर लगी रोक का असर
हाईकोर्ट के ताजा आदेश से उस सतर्कता जांच को लेकर अभिषेक प्रकाश को राहत मिली है, जिसे 2025 में शासन के आदेशों के बाद शुरू किया गया था। हालांकि, अलग-अलग प्रकरणों में किसी अन्य जांच या विभागीय कार्यवाही की स्थिति इस आदेश से स्वतः समाप्त होती है या नहीं, यह संबंधित कार्यवाही और अदालत के आदेशों पर निर्भर करेगा।