यूजीसी कानून के विरोध में गांव में नेताओं की ‘नो-एंट्री’
प्रस्तावित कानून के विरोध में ग्रामीण करेंगे प्रदर्शन,
बुलंदशहर। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के प्रस्तावित नए कानून और उसके प्रावधानों के विरोध में बुलंदशहर के पहासू क्षेत्र स्थित कुंवरपुर गांव में ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने गांव के बाहर ‘यूजीसी रोल बैक नहीं तो वोट नहीं’ के पोस्टर लगाए हैं। साथ ही आगामी चुनाव में नेताओं और जनप्रतिनिधियों के गांव में प्रवेश कर वोट मांगने पर रोक लगाने का ऐलान किया है।
ग्रामीणों का कहना है कि प्रस्तावित कानून सवर्ण समाज के हितों के खिलाफ है। कुंवरपुर निवासी नीरज शर्मा ने आरोप लगाया कि कानून की आड़ में सवर्ण समाज विरोधी राजनीति की जा रही है। उनका कहना है कि प्रस्ताव लागू होने की स्थिति में सवर्ण समाज के युवाओं के सामने अपनी बात रखने को लेकर मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं और उनका मानसिक शोषण बढ़ सकता है।
ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि जब तक यूजीसी के प्रस्तावित कानून को वापस नहीं लिया जाता, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। चुनाव के मद्देनजर गांव में लगाए गए पोस्टरों और नेताओं की ‘नो-एंट्री’ के ऐलान को लेकर क्षेत्र में राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है।
