प्रदेश में शुरू हो गई यंग चाइल्ड केयर योजना
न्यू बोर्न केयर योजना से नवजात शिशुओं की मृत्युदर घटी

लखनऊ। होम बेस्ड न्यू बोर्न केयर योजना (एचबीएनसी) की सफलता के बाद प्रदेश सरकार ने होम बेस्ड यंग चाइल्ड केयर योजना(एचबीवाईसी) शुरू कर दी है। एचबीएनसी योजना से उत्तर प्रदेश में नवजात शिशु मृत्युदर में कमी आई है। साल 2019 में नवजात मृत्यु दर 30 प्रति हजार जीवित जन्म थी, जो कि 2020 में घटकर 28 प्रति हजार जीवित जन्म रह गई है।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा सोमवार को जारी विज्ञप्ति के अनुसार, प्रदेश सरकार द्वारा लागू होम बेस्ड यंग चाइल्ड केयर योजना अंतर्गत प्रशिक्षित आशाएं यंग बच्चों के घर भ्रमण करेंगी। पोषण, स्वास्थ्य सेवा और आरंभिक बाल विकास हेतु 3 माह, 6 माह, 9 माह, 12 माह, 15 माह पर पांच बार बच्चों को देखने जाएंगी।
मालूम हो कि नमूना पंजीकरण प्रणाली (एसआरएस) रिपोर्ट के अनुसार होम बेस्ड न्यू बोर्न केयर योजना अतंर्गत पूरे राज्य में एक लाख साठ हजार से अधिक प्रशिक्षित आशाओं ने प्रसूताओं के घर भ्रमण किया है। भ्रमण के दौरान आशाओं ने कम वजन के शिशु और अन्य बीमारियों से ग्रस्त 17806 गंभीर शिशुओं को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र(सीएचसी) समेत अन्य अस्पतालों में रेफर भी किया। समय पर इलाज मिलने से बच्चों की सेहत मे सुधार हुआ है। साथ ही माँ के द्वारा स्तनपान का प्रतिशत 41.6 से बढ़कर 59.7 प्रतिशत हो गया है।