यूपी में किडनी मरीजों को मिल रहा उत्तम उपचार: ब्रजेश पाठक

पीजीआई में मनाया गया नेफ्रोलॉजी विभाग का 39वां स्थापना दिवस समारोह
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने की अंगदान के प्रति जागरुकता फैलाने की अपील
लखनऊ। 16 मई
उत्तर प्रदेश में किडनी मरीजों को बेहतर इलाज मुहैया कराया जा रहा है। प्रदेश के सभी जिलों में डायलिसिस की सुविधा शुरू हो गई है। इससे किडनी के गंभीर रोगियों को राहत मिली है। आईसीयू से लेकर सुपर स्पेशिलिटी सुविधाओं में इजाफा किया जा रहा है। किडनी ट्रांसप्लांट को बढ़ावा देने के प्रयास किए जा रहे हैं। ट्रांसप्लांट की सुविधाएं भी बढ़ी हैं। यह कहना है प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक का।
शनिवार को पीजीआई के सीवी रमन प्रेक्षागृह में नेफ्रोलॉजी विभाग के 39वां स्थापना दिवस समारोह में विजन ऑफ रियाल्टी थीम पर आयोजित कार्यक्रम में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि हर वर्ष लगभग दो लाख भारतीय मरीज किडनी की बीमारी के कारण गंभीर अवस्था में पहुंचते हैं। इन मरीजों के लिए डायलिसिस या किडनी प्रत्यारोपण की आवश्यकता होती है।

किडनी मरीजों को बेहतर इलाज मुहैया कराने के लिए सुविधाएं बढ़ाई गई हैं। मुफ्त डायलिसिस की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। सुपर स्पेशिलिस्ट डॉक्टर तैनात किए जा रहे हैं। जिलों में मेडिकल कॉलेज खोले जा रहे हैं ताकि मरीज को घर के निकट इलाज मिल सके।
उन्होंने कहा कि अंगदान के प्रति जागरुकता बढ़ाई जा रही है। इसमें सभी की सहभागिता जरूरी है। एक ब्रेन डेड अपने अंगों से 8 लोगों को नया जीवन दे सकता है। जिन परिजनों ने दु:ख की घड़ी में ब्रेन डेड के अंग दान की प्रक्रिया पूरी कराई, मानवता हमेशा उनकी ऋणी रहेगी। अंगदान के प्रति प्रत्येक व्यक्ति सकारात्मक सोच विकसित करे। इससे हजारों लोगों को नया जीवन मिल सकता है।

इनकी रही उपस्थिति
कार्यक्रम में चिकित्सा शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष, पीजीआई निदेशक डॉ. राधा कृष्ण धीमान, नेफ्रोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. नारायण प्रसाद, डॉ. अनुपम कौल, डॉ. मानस रंजन पटेल, डॉ. देवेंद्र गुप्ता समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

