नवरात्रि पर टीबी पीड़ित 10 कन्याओं को दी पोषण पोटली

केजीएमयू के निक्षय मित्र सत्येंद्र कुमार अब तक 300 से अधिक मरीजों को ले चुके हैं गोद
लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) के रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग में नर्सिंग ऑफिसर एवं निक्षय मित्र सत्येंद्र कुमार ने नवरात्रि पर टीबी से पीड़ित 10 कन्याओं को पोषण पोटली प्रदान की। इसका उद्देश्य बच्चियों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने के साथ उनके स्वास्थ्य और मनोबल को मजबूत करना है। सत्येंद्र कुमार अब तक 300 से अधिक टीबी मरीजों को गोद लेकर उनकी मदद कर चुके हैं।
विभागाध्यक्ष डॉ. सूर्यकान्त ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि नवरात्रि पर टीबी पीड़ित कन्याओं की मदद करना सेवा, करुणा और सामाजिक जिम्मेदारी का उदाहरण है। टीबी के उपचार में दवाओं के साथ पर्याप्त पोषण, नियमित चिकित्सकीय परामर्श और परिवार व समाज का सहयोग भी जरूरी है। बच्चों को विशेष देखभाल और प्रोत्साहन देकर उनकी पढ़ाई जारी रखने तथा सामान्य जीवन जीने में मदद की जा सकती है।
डॉ. सूर्यकान्त ने बताया कि रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग अब तक 500 से अधिक टीबी मरीजों को गोद लेकर सहायता प्रदान कर चुका है। वर्ष 2019 से एक गांव और एक स्लम क्षेत्र में टीबी नियंत्रण एवं जनस्वास्थ्य संबंधी गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। इसके अलावा केजीएमयू ने करीब 15 ग्राम पंचायतों को भी गोद लिया है।
उन्होंने सक्षम व्यक्तियों, संस्थाओं, स्वयंसेवी संगठनों और स्वास्थ्यकर्मियों से निक्षय मित्र बनकर टीबी मरीजों की मदद करने की अपील की। उन्होंने कहा कि पोषण, नियमित उपचार और सामुदायिक सहयोग से टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है।
कार्यक्रम में डॉ. आरएएस कुशवाहा, डॉ. संतोष कुमार, डॉ. राजीव गर्ग, डॉ. अंकित कुमार, उपनर्सिंग अधीक्षक सुतापा बनर्जी सहित चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ, स्वास्थ्यकर्मी और मरीजों के परिजन मौजूद रहे।