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राज्य कर्मचारियों ने 31 जुलाई तक चल-अचल संपत्ति न घोषित की तो होगी सख्त कार्रवाई


अपनी चल-अचल संपत्ति का ब्यौरा मानव संपदा पर दर्ज करना होगा सरकारी कर्मचारियों को

  • अपर मुख्य सचिव,शासन ने सभी विभागाध्यक्ष और कार्यालयाध्यक्ष को भेजा निर्देश

  • लखनऊ। कई निर्देशों के बाद भी चल अचल संपत्ति न घोषित करने वाले राज्य कर्मचारियों को शासन ने अंतिम चेतावनी देते हुए 31 जुलाई 2024 तक संपत्ति घोषित करने के निर्देश दिए हैं।

राज्य कर्मचारियों को 31 जुलाई 2024 तक अपनी चल अचल संपत्ति मानव संपदा पोर्टल पर घोषित करने अंतिम मौका दिया गया है। इसके बाद भी संपत्ति सार्वजनिक नहीं की तो, संबन्धित कर्मचारी के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई की जाएगी। यह सख्त निर्देश गुरुवार को कार्मिक विभाग के अपर मुख्य सचिव देवेश चतुर्वेदी ने दिया है।
एसीएस कार्मिक ने सभी विभागों के एसीएस, प्रमुख सचिव, सचिव और विभागाध्यक्षों को राज्य कर्मियों द्वारा चल-अचल संपत्ति का विवरण दर्ज कराए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने विभाग के आला अधिकारियों से कहा कि, अपने स्तर से कर्मचारियों की संपत्ति का विवरण प्रस्तुत कराना सुनिश्चित करें। जारी निर्देश में देवेश चतुर्वेदी ने कहा, 18 अगस्त 2023 को 31 दिसंबर तक चल व अचल संपत्ति का विवरण मानव संपदा पर दर्ज करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद 6 जून 2024 को पुन: चेतावनी के साथ सख्त आदेश निर्गत किया गया कि 30 जून 2024 तक संपत्ति का विवरण दर्ज कर दे। बावजूद, अभी तक कर्मचारियों ने विवरण नहीं अपलोड किया है।


उन्होंने बताया कि कर्मचारियों के हठ का आलम है कि मानव संपदा पर पंजीकृत कर्मियों की संख्या के सापेक्ष विवरण प्रस्तुत करने वाले कर्मियों की संख्या न के बराबर है, कर्मचारियों का यह रवैया, कदापि संतोष जनक नहीं है। तमाम परिस्तिथियों को ध्यान में रखते हुए, राज्य कर्मचारियों पुन: 31 जुलाई 2024 तक संपत्ति विवरण प्रस्तुत करने का अंतिम मौका दिया जा रहा है। इस बार भी विवरण न देने वाले कर्मचारियां के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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