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मेदांता सुपरस्पेशिलिटी हॉस्पिटल में ‘सेकेंड इनिंग’ के बुजुर्गों को मिलेगी आर्थिक छूट

लखनऊ। राजधानी स्थित मेंदाता हॉस्पिटल में बुजुर्ग मरीजों को इलाज कराने पर शुल्क में छूट मिलेगी। इसके लिए हास्पिटल प्रशासन ने सिनियर सिटीजन क्लब ‘सेकेंड इनिंग’ के सदस्यों को प्रीविलेज कार्ड जारी किया है। जोकि ओपीडी,इंडोर और जांच आदि के शुल्क में बुजुर्ग मरीजों को विशेष डिस्कांउट मिलेगा। सिनियर सिटीजन क्लब में लगभग 900 से ज्यादा सदस्य हैं और सभी को यह सुविधा उपलब्ध होगी। इस संबन्ध में बुजुर्गो को लेकर बुधवार शाम न्यूरोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. एके ठक्कर ने स्ट्रोक प्रीवेंशन एंड कंट्रोल विषय पर इंटरेक्टिव सेशन भी संबोधित किया।

हास्पिटल द्वारा प्रीविलेज कार्ड उपलब्ध कराया गया

मेदांता सुपरस्पेशिलिटी हॉस्पिटल के मीडिया प्रवक्ता आलोक कुमार ने बताया कि आशियाना और आलमबाग क्षेत्र में निवास करने वाले बुजुर्गो ने सिनियर सिटीजन क्लब का गठन किया है, जिसका नाम ‘सेकेंड इनिंग’ दिया है। गु्रप में करीब 1000 बुजुर्ग परिवार हैं। इस क्लब के संस्थापक व अध्यक्ष अतुल दुबे व अन्य 54 साथियों ने बुधवार मेदांता हॉस्पिटल प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक हुई, जिसमें क्लब के सभी मेंबर्स को हास्पिटल द्वारा प्रीविलेज कार्ड उपलब्ध कराया गया है। प्रीविलेज कार्ड के जरिये अस्पताल की ओपीडी, इंडोर व पैथोलॉजी में जांच कराने पर विशेष छूट मिलेगी। हॉस्पिटल के अभिषेक मिश्र ने बताया कि यह सुविधा प्रदान करने का उद्देश्य है कि बुजुर्गो को कम शुल्क में बेहतर चिकित्सकीय सेवाएं उपलब्ध हो सकें। उन्होंने बताया कि हर सदस्य को इमरजेंसी मोबाइल नंबर 1068 दिया गया है, जिस पर कभी भी संपर्क कर सेवाएं प्राप्त की जा सकती हैं। क्लब के अध्यक्ष अतुल दुबे ने हॉस्पिटल प्रशासन का आभार व्यक्त किया।


स्ट्रोक के मरीजों को बचाया जा सकता है

डॉ.ठक्कर ने संगोष्ठी में बताया कि ब्रेन स्ट्रोक से पीड़ित मरीज की जान स्ट्रोक के 16-24 घंटे के दौरान तक बचाई जा सकती है। स्ट्रोक में 16-24 घंटे में यदि मरीज अस्पताल में पहुंचते हैं तो थ्रांबेक्टॉमी से इलाज कर जान बचाई जा सकती है। साथ ही उन्होंने सीनियर सिटीजन के सवालों के जवाब भी दिए। मेदांता अस्पताल हमेशा सीनियर सिटीजन के बेहतर इलाज के लिए तत्पर है।

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