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नाराजगी व गुस्से की तपन से भाजपा में झुलस गए पूर्व विधायक जितेन्द्र सिंह बब्लू


रीता बहुगुणा के मकान की आग से जितेन्द्र सिंह का ठिकाना हुआ धवस्त



लखनऊ। भाजपा में बड़े जोश खरोश के साथ ज्वाइन करने वाले बसपा के पूर्व विधायक जितेन्द्र सिंह बल्लू , एक सप्ताह भाजपा की नैय्या पर सवारी नही सके। भाजपासे प्रयागराज सांसद व पूर्व कैबिनेट मंत्री उप्र श्रीमती डॉ.रीता बहुगुणा जोशी के मकान की आग ने , भाजपा में सफर करने के मंसूबे को धवस्त कर दिया। मंगलवार को भाजपा में प्रदेश मीडिया सह प्रभारी हिमांशू दुबे ने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने, जितेन्द्र सिंह बल्लू की प्राथमिक सदस्यता निरस्त कर दी है ।

ज्ञातव्य हो कि बीते बुधवार 4 अगस्त 2021 को जितेन्द्र सिंह ने बड़ भव्य कार्यक्रम में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह के हाथों से भाजपाकी कलाई पकड़ी थी। मगर, पार्टी ज्वाइन करते ही पार्टी में उथल पुथल शुरु हो गई, क्योंकि यही जितेन्द्र सिंह , प्रयागराज सांसद रीता बहुगुणा जोशी के मकान में वर्ष 2009 में आग लगाने का मुख्य आरोपी है और आरोपी को पार्टी ज्वाइन कराने की जानकारी मिलते ही , डॉॅ.रीता को पार्टी का निर्णय नागवार लगा और दिमागी पारा सातवें आंसमा पर पहुंच गया और उन्होंने खुद के प्रतिदृव्दी के साथ पार्टी में अपनी असहजता जता दी।

सांसद डॉ.रीता बहुगुणा जोशी के मकान में आग लगाने के मुख्य आरोपी हैं जितेन्द्र सिंह

सूत्रों की माने तो जब से जितेन्द्र ने भाजपा ज्वाइन किया, उसके बाद जितेन्द्र सिंह व डॉ.रीता बहुगुणा, दोनो शांत नही बैठी। दोनो प्रतिदृव्दी नेताओं ने भाजपा आला नेताओं की परिक्रमा शुरु कर दी और पार्टी में बने रहने की जो आजमाइश चलती रही। इसी दौरान दो दिवसीय दौरे पर उप्र पहुंचे राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से भा मुलाकात की गई और अपनी समस्या से अवगत कराया। जिसके बाद उथल पुथल दिल्ली पहुंची और मंगलवार को दिल्ली की हरी झंड़ी मिलते ही, पार्टी अध्यक्ष श्री सिंह ने, नवआयतित जितेन्द्र सिंह बल्लू को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया । जितेन्द्र की निकासी को रीता बहुगुणा की जीत और पार्टी में पकड़ से देखा जा रहा है।


कद्दावर नेता है रीता बहुगुणा जोशी


24 साल कांगे्रस में राजनीति करने वाली और उप्र कांग्रेस की बागडोर संभालने वाली डॉ.रीता बहुगुणा जोशी ने, वर्ष 2012 में लखनऊ की कैंट विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी को मात देकर विधायकी अर्जित की थी, मगर समय की मांग को देखते हुए उन्होंने वर्ष अक्टूबर 2016 आते आते कांग्रेस का साथ छोंड़कर भाजपा का दामन थाम लिया। इसके बाद भाजपा ने 2017 के विधान सभा चुनाव में कैंट से प्रत्याशी बनाया तो उन्होंने दुबारा विजय अर्जित की और उन्हें कद के अनुसार योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री के पद से नवाजा गया। इतना ही नहीं, इनकी लोकप्रियता को देखते हुए भाजपा आला कमान ने, वर्ष 2019 के लोक सभा चुनाव में डॉ.रीता को प्रयागराज से सांसद का प्रत्याशी बनाया, तो ये वहां पर भारी अंतर से विजय हुई। विजय मिलने और भाजपा के प्रचंड बहुमत की सरकार में मंत्रालय मिलने की उम्मीद टूट गई थी, मगर केन्द्र में 2021 में हुए कैबिनेट विस्तार में मंत्रालय मिलने की चर्चाएं चली, मगर सुनने में आ रहा है कि भाजपा हाई कमान इन्हें मंत्रालय नहीं , किसी और बडेÞ पुरुस्कार से सम्मानित करेगी।

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