एसिड अटैक पीड़ितों को मिलेगी सरकारी नौकरी ?

लखनऊ। एसिड अटैक के पीड़ितों से जुड़े एक मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को सरकारों को सख्त निर्देश दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने दो-टूक कहा कि एसिड अटैक पीड़ितों को सरकारी नौकरी या गुजारा भत्ता दे. सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से पूछा है कि पीड़ितों के पुनर्वास के लिए नौकरी की नीति अब तक क्यों नहीं बनी? अगर सरकारी नौकरी देना संभव नहीं है, तो राज्य सरकारें पीड़ितों के लिए अनिवार्य जीवन निर्वाह भत्ता तय करें.

सीनियर एडवोकेट सिद्धार्थ लूथरा अब इस मामले में पीड़िता की पैरवी बिना किसी फीस के करेंगे. अदालत ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इसे प्राथमिकता के आधार पर सुनने के संकेत दिए हैं.दरअसल सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में एसिड अटैक पीडिता शाहीन मलिक के मामले की सुनवाई की. इस सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों से कहा कि वे तेजाब हमले के पीड़ितों को सरकारी नौकरी देने के लिए नीति बनाएं. अगर नौकरी नहीं दे सकते तो उनको जीवन निर्वाह भत्ता देने की नीति बनाएं.

सुप्रीम कोर्ट में चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉय माल्य बागची की पीठ ने कहा कि सभी राज्य/संघ राज्य क्षेत्र कारण बताएंगे कि सरकारी विभागों/एजेंसियों में नौकरियों के माध्यम से तेजाब हमले के पीड़ितों के पुनर्वास के लिए योजना अब तक क्यों नहीं बनाई गई है!

