तिल सफेद हो या काले, मल्टी विटामिन से भरपूर
लखनऊ । सफेद तिल कैल्शियम, आयरन, फाइबर और हेल्दी फैट से भरपूर होते हैं, जो हड्डियों को मजबूत बनाने, पाचन सुधारने, त्वचा और बालों को स्वस्थ रखने, हृदय को स्वस्थ रखने और ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में मदद करते हैं, साथ ही यह रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं और एनर्जी बूस्टर का काम करते हैं, लेकिन इनका सेवन सर्दियों में ज़्यादा फायदेमंद है और सीमित मात्रा में करना चाहिए।
सफेद तिल खाने के फायदे:
हड्डियां मजबूत करें: कैल्शियम और फास्फोरस से भरपूर होने के कारण हड्डियों और दांतों को मजबूती देते हैं, खासकर बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों के लिए फायदेमंद हैं।
पाचन सुधारे: फाइबर की उच्च मात्रा पाचन क्रिया को बेहतर बनाती है, कब्ज और गैस से राहत दिलाती है।
हृदय स्वास्थ्य: स्वस्थ वसा अम्ल (Healthy Fatty Acids) कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करते हैं और हृदय रोगों का खतरा कम करते हैं।
त्वचा और बाल: जिंक, एंटीऑक्सीडेंट और हेल्दी फैट त्वचा को नमी देते हैं, चमक बढ़ाते हैं और बालों को स्वस्थ रखते हैं।
ब्लड प्रेशर कंट्रोल: इनमें मौजूद मैग्नीशियम ब्लड प्रेशर को सामान्य रखने में मदद करता है।
रोग प्रतिरोधक क्षमता: जिंक और सेलेनियम जैसे मिनरल्स इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाते हैं।
ऊर्जा दें: प्रोटीन, आयरन और मैग्नीशियम की मौजूदगी से शरीर को तुरंत ऊर्जा मिलती है।
डायबिटीज में सहायक: मैग्नीशियम ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करने में मदद करता है।
तनाव कम करें: मैग्नीशियम और ट्रिप्टोफैन तनाव और चिंता को कम करने में मददगार हैं।
एंटी-एजिंग: एंटीऑक्सीडेंट्स फ्री रेडिकल्स से लड़ते हैं और उम्र बढ़ने के लक्षणों को कम करते हैं।
थायराइड में फायदेमंद: थायराइड ग्रंथि और हार्मोन को बेहतर बनाने में मदद करते हैं।
सेवन का तरीका और सावधानी:
सर्दियों में इनका सेवन ज्यादा फायदेमंद होता है क्योंकि इनकी तासीर गर्म होती है, लेकिन गर्मियों में सीमित मात्रा में ही खाएं।
आप इन्हें सलाद, स्मूदी, दलिया या आटे में मिलाकर खा सकते हैं।
पीरियड्स के दर्द में हल्का गर्म पानी के साथ सेवन मददगार हो सकता है।
क्यों खाए तिल
तिल विटामिन युक्त होते हैं और कई ज़रूरी विटामिन जैसे विटामिन B (B1, B6, नियासिन), विटामिन E, और अन्य पोषक तत्व (खनिज, प्रोटीन, फाइबर, स्वस्थ वसा) प्रदान करते हैं, जो ऊर्जा, प्रतिरक्षा और समग्र स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण हैं, इसलिए इन्हें ‘पोषण का पावरहाउस’ कहा जाता है.
तिल में पाए जाने वाले प्रमुख विटामिन:
- विटामिन B6 (B6): मस्तिष्क कार्य और लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण में मदद करता है.
- नियासिन (B3) और थायमिन (B1): ऊर्जा उत्पादन और चयापचय के लिए आवश्यक हैं.
- विटामिन E: एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट है जो कोशिकाओं को नुकसान से बचाता है और प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करता है.
अन्य पोषक तत्व:
- खनिज: कैल्शियम, आयरन, मैग्नीशियम, जिंक, फास्फोरस.
- स्वस्थ वसा: ओमेगा फैटी एसिड.
- प्रोटीन और फाइबर: पाचन और आंत के स्वास्थ्य के लिए अच्छे हैं.
संक्षेप में, तिल विटामिन और खनिजों का एक बेहतरीन स्रोत हैं, जो उन्हें एक पौष्टिक भोजन बनाता है.
क्यों खाए तिल
तिल विटामिन युक्त होते हैं और कई ज़रूरी विटामिन जैसे विटामिन B (B1, B6, नियासिन), विटामिन E, और अन्य पोषक तत्व (खनिज, प्रोटीन, फाइबर, स्वस्थ वसा) प्रदान करते हैं, जो ऊर्जा, प्रतिरक्षा और समग्र स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण हैं, इसलिए इन्हें ‘पोषण का पावरहाउस’ कहा जाता है.
तिल में पाए जाने वाले प्रमुख विटामिन:
- विटामिन B6 (B6): मस्तिष्क कार्य और लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण में मदद करता है.
- नियासिन (B3) और थायमिन (B1): ऊर्जा उत्पादन और चयापचय के लिए आवश्यक हैं.
- विटामिन E: एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट है जो कोशिकाओं को नुकसान से बचाता है और प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करता है.
अन्य पोषक तत्व:
- खनिज: कैल्शियम, आयरन, मैग्नीशियम, जिंक, फास्फोरस.
- स्वस्थ वसा: ओमेगा फैटी एसिड.
- प्रोटीन और फाइबर: पाचन और आंत के स्वास्थ्य के लिए अच्छे हैं.
संक्षेप में, तिल विटामिन और खनिजों का एक बेहतरीन स्रोत हैं, जो उन्हें एक पौष्टिक भोजन बनाता है.
