पीजीआई के समान भत्ते न मिले तो 29 अगस्त से विरोध प्रदर्शन करेंगे केजीमएयू शिक्षक
केजीएमयू शिक्षक करेंगे बड़ा आन्दोलन

लखनऊ। केजीएमयू के शिक्षक पीजीआई के समान वेतन व भत्ते न मिलने की वजह से काला फीता बांधकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। यह विरोध 29 अगस्त से 5 सितम्बर 2022 तक चलेगा। अगर मांग न पूरी हुई तो विरोध प्रदर्शन के बाद 7 सितम्बर को शिक्षक संघ की आमसभा बैठक होगी और आगे आन्दोलन की रणनीति तय की जायेगी। यह वह मांग है जिसे प्रदेश सरकार को बीते जुलाई 2016 से एरियर के साथ देना ही है। यह निर्णय सोमवार को केजीएमयू शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ.केके सिंह की अध्यक्षता में संपन्न शिक्षक संघ की बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया है।
मांग पूरी कराने के लिए हड़ताल करने से भी गुरेज नही
शल्य विभाग में संघ अध्यक्ष डॉ.केके सिंह ने उक्त जानकारी देते हुए बताया कि बीती 23 जुलाई को शिक्षक संघ की बैठक में सर्वसम्मति से पीजीआई के समान वेतन व भत्ते न दिये जाने के लिए विरोध प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया था। जिसकी जानकारी लिखित रूप से केजीएमयू प्रशासन एवं शासन को दी गई थी। अमृत महोत्सव कार्यक्रम की वजह से हम चिकित्सकों ने विरोध प्रदर्शन नही किया था। मगर प्रशासनिक उदासीनता के कारण आजतक वैधानिक मांगें पूरी न होने से शिक्षकों में नाराजगी बनी हुई है। उन्होंने बताया कि शिक्षकों की मांग पृथक या नियमविपरीत नही हैं, क्योंकि हम शिक्षकों को एसजीपीजीआई के समान वेतन भत्ते आदि देने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा केजीएमयू अधिनियम व परिनियमावली में वर्षों पूर्व ही संसोधन किया जा चुका है। इसके बावजूद शासन के अधिकारियों द्वारा केजीएमयू के शिक्षकों को 1 जनवरी 2016 से मिलने वाला संशोधित पे-मैट्रिक्स एवं सेवानिवृत्तिक लाभ नही मिल रहा है। उक्त संबन्धी आदेश जारी करने में जानबूझकर हीलाहवाली की जा रही है। संघ के सचिव डॉ.संतोष कुमार ने बताया कि 1 जनवरी, 2016 से प्रभावी संसोधित पे-मैट्रिक्स एवं सेवानिवृत्तिक लाभ ग्रेच्यूटी आदि के आदेश एसजीपीजीआई व राम मनोहर लोहिया हेतु जारी किए जा चुके हैं, किंतु केजीएमयू के शिक्षकों हेतु लम्बे समय बाद तक जारी नहीं किए गया है। उन्होंने बताया कि 29 अगस्त से विरोध प्रदर्शन के साथ आन्दोलन शुरु होगा, मांग पूरी कराने के लिए हड़ताल करने से भी गुरेज नही किया जायेगा।