अयोध्या में ट्रस्ट की चपत लगाने वाले तो मिल गए, मगर मास्टर माइंड मुखिया …

लखनऊ । राम मंदिर चंदा चोरी मामले में कहा जा रहा कि लवकुश, अवनीश, अनुकल्प, करुणे और रमाशंकर मुख्य रूप से शामिल पाए गए हैं। ये सभी दान राशि गिनने और रखरखाव की ड्यूटी से जुड़े थे। सूत्र कह रहे सभी ने चोरी कुबूल कर ली है और उनकी निशानदेही पर अब तक 2.98 करोड़ रुपये बरामद किए जा चुके हैं। जांच में कुल 8 करोड़ रुपये से अधिक के हेरफेर के संकेत मिले हैं।ये तो ट्रस्ट की तरफ़ से अघोषित सूचना पत्रकारों को दिया गया है ये असली को बचाने का मामला लगता है
बड़े षड्यंत्र की आशंका
पांचों आरोपी पकड़े जाने के बावजूद यह सवाल बना हुआ है कि इतने संवेदनशील स्थान से लगातार रकम गबन होती रही और लंबे समय तक किसी का ध्यान नहीं गया। सूत्रों का कहना है कि इस पीछे किसी बड़े व्यक्ति की शह हो सकती है। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि यह व्यक्ति राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़ा है या किसी अन्य विभाग से।
चम्पत के टिन्नू यादव पर उठ रहे सवाल
ट्रस्ट से जुड़े एक पदाधिकारी के करीबी टिन्नू यादव का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है। संदिग्धों में शामिल रमाशंकर यादव टिन्नू का रिश्तेदार भी बताया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार टिन्नू का कई कामों में हस्तक्षेप रहता था। ट्रस्ट के एक पूर्व पदाधिकारी पहले भी टिन्नू पर गंभीर आरोप लगा चुके हैं।नगदी के अलावा सोने चाँदी के जेवर का भी खेल है ।
ट्रस्ट और पुलिस की खामोशी
मामले में अब तक राम मंदिर ट्रस्ट की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। पुलिस का कहना है कि लिखित शिकायत न मिलने के कारण औपचारिक कार्रवाई शुरू नहीं हुई थी, हालांकि सूत्रों के अनुसार पूछताछ और रिकवरी में पुलिस की टीम सक्रिय है।
SIT गठित, 15 दिन में रिपोर्ट
राम मंदिर दान घोटाले की जांच के लिए राज्य की योगी सरकार ने तीन सदस्यीय SIT गठित कर दी है। इसमें लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, लखनऊ जोन की पुलिस महानिरीक्षक किरन एस और विशेष वित्त सचिव नीलरतन शामिल हैं। SIT को 7 दिनों में प्रारंभिक रिपोर्ट और 15 दिनों में अंतिम रिपोर्ट सरकार को सौंपनी है।पर सवाल है क्या चंपत तथा अनिल मिश्रा के रिश्तेदारो,खास लोगो की संपत्ति की जाँच होगी इनके ट्रस्टी बनते इनके लोग इतने दिनों में कैसे मालामाल हो गये
