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अब हर खेत की फसल का होगा डिजिटल रिकॉर्ड

प्रदेश में जनपद अमेठी के तहसील तिलोई अन्तर्गत सराय माधौ गांव से डिजिटल क्रॉप सर्वे एप का किया गया भौतिक परीक्षण।

डिजिटल क्राप सर्वे से जनसामान्य के विवादों में आएगी कमी तथा निस्तारण में मिलेगी सहुलियत।

अमेठी जून 2023, डिजिटल तकनीक की मदद से यूपी में हर खेत की फसल का डिजिटल रिकॉर्ड अब सरकार के पास उपलब्ध रहेगा। फसलों की बुआई से लेकर उपज होने तक, अब तक हो रहे मैन्युअल सर्वेक्षण की जगह अब डिजिटल क्रॉप सर्वे किया जाएगा। सरकार ने बुवाई और उपज का सटीक आकलन करने के लिए हर खेत की फसल का सर्वे कराने की परियोजना शुरू की है। प्रत्येक खेत की उपज के सर्वे के लिए भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय नई दिल्ली द्वारा पूरे देश के 8 राज्यों के 8 जिलों के 8 गांवों में डिजिटल क्राप सर्वे का कार्य शुरू किया गया है जिसमें उत्तर प्रदेश के जनपद अमेठी में तहसील तिलोई अंतर्गत सराय माधौ गांव को शासन द्वारा सर्वप्रथम डिजिटल क्राप सर्वे हेतु चयनित किया गया है, जिसमें डिजिटल क्राप सर्वे एप का भौतिक परीक्षण किया गया है। इस प्रोजेक्ट के तहत सरकार पता लगाएगी कि किस जिले में कौन-कौन सी फसल कितने रकबे में बोई जा रही है और इससे कितनी उपज हो रही है, इसके साथ ही इस तकनीकी से जन सामान्य में विवाद की स्थिति कम होगी तथा उनकी शिकायतों को निस्तारित करने में काफी सहूलियत मिलेगी। अभी तक कृष‍ि एवं राजस्व तथा सांख्यिकी विभाग के कर्मचारी इसका आकलन मैन्युअल तरीके से करके सरकार को आंकड़े उपलब्ध कराते रहे हैं। अब यही सर्वे एक ऐप “डिजिटल क्रॉप सर्वे” के जरिए डिजिटल होगा।

सराय माधौ गांव में शुरू हुए डिजिटल क्राप सर्वे प्रोजेक्ट को लेकर राजस्व परिषद के उप भूमि व्यवस्था आयुक्त श्री प्रमोद कुमार पांडेय ने बताया कि डिजिटल क्रॉप सर्वे से पूरी तरह से पारदर्शिता आएगी। इस सर्वे से किसानों को बहुत सारी सहूलियतें मिलेंगी। किसान ने अपने किस गाटे में कौन सी फसल बोई है, उपज कैसी है, सिंचाई का साधन क्या है सब डिजिटल खसरे में दर्ज हो जायेगा।इसका सही लाभ फसल बीमा, केसीसी बनवाने, उद्यान की फसलों में अनुदान प्राप्त करने में आसानी होगी साथ ही सरकारी क्रय केंद्रों पर उपज बेचने में भी आसानी होगी। उन्होंने बताया कि सरकार ने खेती-किसानी के क्षेत्र में डिजिटल सेवाएं मुहैया कराने के लिए डिजिटल पब्लिक इन्फ्राट्रक्चर इनीशिएटिव (एग्रीस्टैक) प्रोजेक्ट शुरू किया है।

एग्रीस्टैक डेटाबेस के आधार पर सरकारी सुविधाएं पाने के लिए किसानों को बार-बार सत्यापन की समस्या से निजात मिलेगी। किसानों की जानकारी उनके आधार के साथ लिंक होगी। इससे प्रदेश के लघु एवं सीमांत किसानों को अत्यधिक लाभ मिलेगा। इतना ही नहीं एग्रीस्टैक के माध्यम से किए जा रहे डिजिटल क्राप सर्वे में प्रत्येक खेत का भौतिक सत्यापन कर संपूूर्ण जानकारी के साथ खेत की फोटो उसी समय एप के माध्यम से अपलोड कर दी जाएगी। इसके साथ ही खेत में लगी फसल का नाम, प्रकार, श्रेणी, सिंचाई का विवरण, बुवाई की तारीख, क्राॅप की फोटो, भूखण्ड का जीआईएस कोऑर्डिनेट्स, क्रॉप सर्वे की तिथि और समय आदि जरूरी जानकारियां एप पर दर्ज की जाएगीं।

खेत में साल भर में एक ही फसल पैदा होने या मल्टीपल एवं मिक्सड क्राप और इंटरक्राप होने की जानकारी को भी अपलोड करने की सुविधा उपलब्ध करायी गई है। यह सर्वे रियल टाइम और जियो टैगिंग पर आधारित होने के कारण इससे सटीक परिणाम मिलेंगे, इस डाटा का उपयोग किसान क्रेडिट कार्ड सहित अन्य योजनाओं में किया जाएगा। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व ए0के0 सिंह ने बताया कि सराय माधौ गांव में कुल 1118 गाटें हैं और डिजिटल क्राप सर्वे कार्य के लिए कुल 24 टीमें लगाई गई हैं एक टीम में चार कर्मी हैं जिसमें एक मास्टर ट्रेनर, एक सर्वेयर, एक लेखपाल व एक टीएसी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि प्रत्येक तहसील से 5-5 राजस्व निरीक्षक व 1-1 नायब तहसीलदार तथा 18 ऐसे लेखपाल जो डिजिटल कार्यों की जानकारी रखते हैं उनको लगाया गया है। उन्होंने बताया कि उक्त लेखपाल आज सराय माधौ गांव में डिजिटल क्रॉप सर्वे के दौरान ट्रेनिंग के साथ सर्वे का कार्य करेंगे इसके पश्चात पूरे जनपद के लेखपालों को प्रशिक्षित करेंगे। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण के उपरांत डिजिटल क्राप सर्वे कार्य हेतु आवश्यकता पड़ने पर जनपद के लेखपालों को अन्य जनपदों में भी प्रशिक्षण हेतु भेजा जाएगा।

इससे पूर्व आज सुबह आठ बजे डिजिटल क्रॉप सर्वे से जुड़े सभी कर्मी सराय माधौ गांव के प्राथमिक विद्यालय में ग्रामीणों के साथ एक चौपाल का आयोजन और सर्वे से जुड़े कर्मियों को प्रशिक्षित भी किया गया। उसके बाद सभी टीमों ने फील्ड पर सर्वे का कार्य शुरू किया।

डिजिटल क्रॉप सर्वे के दौरान भारत सरकार की टीम में सरिता त्रिमाली तमिलनाडु से, डी0के0 सिंह संयुक्त कृषि निदेशक डिजिटल एग्रीकल्चर लखनऊ, संजय श्रीवास्तव सहायक निदेशक कृषि डिजिटल एग्रीकल्चर लखनऊ, ओपी सिंह संयुक्त निदेशक कृषि अयोध्या, फाल्गुनी सिंह एसडीएम तिलोई, सत्येंद्र सिंह चौहान उप निदेशक कृषि, जिला कृषि अधिकारी अखिलेश पांडेय, पवन कुमार शर्मा तहसीलदार तिलोई, सभी नायब तहसीलदार तथा सभी राजस्व निरीक्षक, राजस्व लेखपाल व कृषि विभाग के कर्मी मौजूद रहे।

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