ईरान के साथ खड़े हो गए चीन-रूस, US– इजरायल के साथ कौन …
US-इजरायल के सपोर्ट में कौन-कौन जानिए
लखनऊ। अंतरराष्ट्रीय मीडिया से प्राप्त जानकारी के अनुसार मिडिल ईस्ट में छिड़ी यह जंग अब केवल दो-तीन देशों के बीच का मुकाबला नहीं रही, बल्कि इसने पूरी दुनिया को दो फाड़ कर दिया है। हालात देखते हुए मालूम होता है कि तीसरे विश्व युद्ध की शुरुआत हो चुकी है। ईरान के कई शहरों में स्कूलों और रिहायशी इलाकों पर गिरती मिसाइलों के बीच अब दुनिया के सुपरपावर देश भी खुलकर मैदान में आ गए हैं।
रूस और चीन ने जहां ईरान का पक्ष लेते हुए अमरीका और इजरायल को निशाने पर लिया है, वहीं पश्चिमी देशों के बीच भी इस हमले को लेकर मतभेद उभरने लगे हैं। बीजिंग में रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता झांग शियाओगांग ने अमरीका को अंतरराष्ट्रीय परमाणु व्यवस्था और वैश्विक स्थिरता के लिए सबसे बड़ा खतरा बताया है। चीन का मानना है कि अमरीका की वजह से ही दुनिया में परमाणु व्यवस्था बिगड़ रही है। वहीं रूसी राजनयिक मिखाइल उल्यानोव ने इजरायल और अमरीका के इस हमले को ‘नई आक्रामकता’ करार दिया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि इससे मिडिल ईस्ट में हालात बहुत ज्यादा बिगड़ सकते हैं और अस्थिरता फैल सकती है।
सऊदी और कतर का गठबंधन
ईरान द्वारा कतर पर दागी गई मिसाइलों के बाद सऊदी अरब के प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने कतर को अपना पूरा समर्थन दिया है। उन्होंने ईरानी हमले की कड़ी निंदा की और कतर की संप्रभुता की रक्षा के लिए हर संभव मदद का वादा किया है।
क्यूबा का विरोध
क्यूबा के विदेश मंत्री बू्रनो रोड्रिगेज पारिला ने हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का खुला उल्लंघन बताया है।